Barreleye Fish| ऐसी अजीबोगरीब मछली जिसकी आंखें उसके माथे पर है

समुंदर के अंदर अपनी एक अलग ही दुनिया बसती है। जो अपने आप में काफी विशाल और रहस्यमई है। यह अपने अंदर ना जाने कितने रहस्यों को समेटे हुए हैं। यह इतनी विशाल समुंदरी दुनिया है कि इसका अब तक सिर्फ 5% हिस्सा ही अब तक एक्सप्लोर किया जा सका है। 



अभी हाल ही में वैज्ञानिकों ने कैलिफोर्निया के मॉन्टेरे बे की गहराइयों में से एक ऐसी दुर्लभ मछली को खोजा है। जिसकी आंखें उसके माथे पर है। और देखने पर ऐसी लगती है जैसे हरे रंग के दो बल्ब जल रहे हैं। आज तक ऐसी मछली नहीं देखी गई थी।


इस विचित्र मछली को मॉन्टेरे बे एक्वेरियम रिसर्च इंस्टिट्यट के वैज्ञानिकों ने ढूंढा है। इस मछली का नाम बैरेलआई फिश (Barreleye fish) है। मछली के आगे का हिस्सा पूरा पारदर्शी है। यह अब तक लगभग 9 बार देखी जा चुकी है। यह 9 दिसंबर 2021 को आखिरी बार देखी गई थी।


 कुछ दिन पहले जब MBARI की रिमोट से चलने वाली गाड़ी मोंटेरे की खाड़ी में डूब गई तब वैज्ञानिकों को स्क्रीन पर यह मछली नजर आई तो वह हैरान रह गए। मछली करीब 2132 फीट की गहराई में थी। माथे पर हरी आंख वाली यह मछली जहां देखी गई है। वह प्रशांत महासागर में सबसे गहरी पनडुब्बी घाटी है। 


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मोंटेरे बे एक्वेरियम रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक सीनियर वैज्ञानिक ने कहा कि पहले बैरल मछली आकार में छोटी दिखती थी। लेकिन थोड़ी देर बाद मुझे एहसास हुआ कि मैं दुनिया के सबसे दुर्लभ जानवर को देख रहा हूं!


दुनिया के समुंदरों का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिको के बारे में ऐसा कहा जाता की वह इस मछली को जीवन में एक बार ही ढूंढते हैं। जब आरओवी से से प्रकाश मछली पर पड़ा तो वैज्ञानिक ने देखा कि मछली की आंखों पर तरल से भरा आवरण था। यह आंखों की सुरक्षा करता है। मछली की आंखें प्रकाश के प्रति संवेदनशील होती है। प्रकाश को देखते ही वह इधर उधर भागने लगते हैं। जब उन की आंखों पर रोशनी पडती है तो वह परेशान हो उठती है। 

बैरल मछली की आंखों के सामने दो छोटे-छोटे कैप्सूल होते हैं जो नाक का काम करते है। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह मछलियां शिकार नहीं करती लेकिन तैरते हुए उनके मुंह के सामने जब कोई छोटी मछली या जेलीफिश आती है तो वह उसे निगल लेती है।


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